मुर्दों को ढोने वाला वाहन 08 माह से बना है मुर्दा


रिपोर्ट,मो.अंजुम आलम,जमुई (बिहार)
जमुई:-साधन रहने के बावजूद स्वास्थ्य कर्मी के लापरवाही की वजह से सदर अस्पताल अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।कई मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद यहां साधनों का खुलेआम दुरुपयोग हो रहा है। हम बात कर रहे हैं सदर अस्पताल में एकलौते शव वाहन की जो 8 माह से लगातार जीर्ण-शीर्ण अवस्था में खराब पड़ी हुई है जिसे देखने वाला कोई नहीं जो 08 महीने से अस्पताल परिसर में खड़े रहकर एक शोभा की वस्तु बन गई है।खुलेआम सरकार के पैसों का दुरुपयोग किया जा रहा है।जबकि शव वाहन को चलाने के लिए दो चालक भी कार्यरत हैं फिर भी शव वाहना को बनवाने के बजाय कचड़े के माफिक एक किनारे खड़ा कर दिया गया है।दिलचस्प बात तो यह है कि शव वाहन तो खराब पड़ी है लेकिन उसपर कार्यरत चालक आराम से घर पर बैठकर तनख्वाह उठा रहे हैं।सरकार शव वाहन पर लाखों का खर्च कर रही है लेकिन वाहन ज्यों का त्यों खड़ी रहती है।

शव ले जाने में होती है परेशानी
बताते चलें कि लगभग 08 माह से खराब पड़े शव वाहन की वजह से लोगों को शव ले जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।कुछ नामचीन लोगों का शव एम्बुलेंस द्वारा भेजवाई जाती है।लेकिन बहुत सारे गरीब लोग शव को ऑटो या रिक्शा से घर लेकर जाते हैं।लापरवाही का आलम यह है कि शव वाहन खराब होने के बाद हमेशा उसी तरह छोड़ दिया जाता है।महीनों खराब पड़े वाहन की शिकायत करने के बाद स्वास्थ्य कर्मी की आंखें खुलती हैं तब उसे बनवाया जाता है लेकिन कुछ ही दिनों में फिर वही हालात पैदा हो जाती है।

कहते हैं सिविल सर्जन
सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. श्याम मोहन दास ने बताया कि शव वाहन बहुत पुरानी हो चुकी है।कई बार बनवाने के बावजूद कुछ ही दिनों में खराब हो जाती है।इसलिए नए वाहन के लिए विभाग को चिट्ठी लिखी गई है।

Comments are closed.