नितिन गडकरी ने लाेकसभा में माेटर वाहन (संशाेधन) विधेयक, 2019 पर कई किस्सों का जिक्र किया


ऋषी तिवारी
नई दिल्ली। लाेकसभा में साेमवार काे माेटर वाहन संशाेधन विधेयक 2019 पर चर्चा किया गया और इस दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कई किस्सों का भी जिक्र किया है। जिसमें उन्होंने सरकारी ड्राइवरों के शारीरिक ताैर पर फिट न होने की बात बताई है और नितिन गडकरी ने स्वीकार किया कि देश में पिछले पांच साल में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में उनके विभाग को सफलता नहीं मिली है और उन्होंने उम्मीद जताई कि मोटर यान संशोधन विधेयक पारित होने के बाद सड़क हादसों से लोगों की जान बचाने में मदद मिलेगी।

नितिन गडकरी ने कहा कि यह एक आम धारणा है कि आधिकारिक मशीनरी के सही से काम नहीं करने की वजह से भारत में ड्राइविंग लाइसेंस पाना सबसे आसान है। मंत्री ने सरकारी विभागों में ड्राइवरों की नियुक्तियों में ढिलाई दिखाने के लिए खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें महाराष्ट्र में एक सड़क दुर्घटना का सामना करना पड़ा था क्योंकि उनके चालक को एक आंख में मोतियाबिंद था, जिसकी वजह से वह उस आंख से साफ नहीं देख पाते थे और उन्होंने कहा कि एक मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि उनका ड्राइवर दोनों आंखों से नहीं देख सकता था. वह सुनने की शक्ति पर भरोसा करके गाड़ी चलाता था।

नितिन गडकरी ने कहा कि लाइसेंस और वाहनों के पंजीकरण की व्यवस्था को ऑनलाइन किया गया है जिससे भ्रष्टाचार पर पूरी तरह लगाग लग सकेगी और मेरी तरफ से पूरा प्रयास करने के बावजूद सड़क हादसों में होने वाली मौतों में तीन-चार फीसदी की कमी आई हैं। मैं इसमें विफल रहा हूं, यह स्वीकार करता हूं। पिछड़े जिलों में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर खोला जाएगा और इसके लिए उनका मंत्रालय एक करोड़ रुपये की मदद देगा और 2017 में यह विधेयक लोकसभा में पारित हुआ, लेकिन मुझे इस बात का दुख है कि यह राज्यसभा में पारित नहीं हो पाया।

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