नीतीश के नए स्लोगन से बिहार की राजनीती में घमासान


राम नरेश ठाकुर ब्यूरो
पटना:- जनता दाल यु के नए स्लोगन क्यूं करें विचार ठीके तो है नीतीश कुमार’ ने बिहार कीराजनीति में एक बार फिर भूचाल ला दिया है। बिहार की राजनिती में में जदयु का नया स्लोगन चर्चा का विषय बना हुआ है। जद यु इसे बिहार की जनता की आवाज कह रही है, तो वहीं विपक्ष नितीश को बिहार की राजनीति में बैकफुट पर बता रहा है। राजद विधायक भाई विरेन्द्र ने कहा कि नए स्लोगन से लगता है नीतीश कुमार बैकफुट परआ गए हैं। क्योंकि नीतीश कुमार जब महागबंधन के साथ थे,तो बिहार में बहार था लेकिन बहार से ,,अब ठीके है,, पर आ गए हैं। इसका मतलब बिहार में उनकी दृष्टि में अब कम से कम बहार नहीं है। वहीं, जेडीयू का कहना है कि ये स्लोगन बिहार की जनता की आवाज है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने जो विकास किया है, ये उसकी आवाज है। उन्होंने ये भी कहा कि एनडीए में सीटों के बंटवारे का क्या फॉर्मूला होगा, ये केन्द्रीय नेतृत्व तय करेगा. हमारी पार्टी भरष्टाचारियों के साथ किसी भी इश्थिति में नहीं जा सकती है।

बीजेपी के नेता और बिहार सरकार में मंत्री नंद किशोर यादव ने कहा की विधानसभा चुनाव में अभी वक्त है, फिलहाल नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए के सारे दल एकजुटता केसाथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नए स्लोगन और पोस्टर पर बीजेपी को कोई आपत्ति नहीं है। बीजेपी भले ही इस नए स्लोगन को लेकर खुले तौर पर कुछ नहीं बोल रही हो, लेकिन पार्टी के कार्य कर्ताओं के बीच ये चर्चा है कि अभी इस तरह के स्लोगन की कोई जरूरत नहीं थी। तत्काल भले ही भाजपा को जद यु के इस स्लोगन से कोई आपत्ति नहीं हो, किन्तु वोट राजनीति को लेकर जो रणनीति नीतीश का दिख रहा है ,बात चाहे कश्मीर से ३७० हटाने की हो या एन आर सी की जद यु का डफली अलग बजता रहा है, जो भाजपा कार्यकर्ताओं को रास नहीं आता। अब देखना ये होगा की सत्ता और बिपक्ष के घमासान में चुनाव के समय बिहार राजनीति का क्या समीकरण होता है।

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