किसी की नहीं उठी डोली तो किसी का नहीं निकला बारात, मेंहदी रचाये बैठी रही दुल्हन


रिपोर्ट,मो.अंजुम आलम,जमुई (बिहार)
जमुई:-शायद जमुई जिले में ऐसी पहली घटना हुई है जहाँ शादी के जोड़े में मेहदी रचाये बैठी कई दुल्हन की डोली नहीं उठी और न ही उस गांव से किसी की बारात निकली है।बुधवार की देर शाम तीन अलग-अलग जगहों से जमुई के एक ही गांव में आये बारात गांव पहुंचने से पहले ही रास्ते से लौट गई तो वहीं उसी दिन गांव से निकलने वाले बारात में भी बाराती जाने के लिए तैयार नहीं हुए।मेंहदी सजाए बैठी दुल्हन व परिजन की आस उस वक़्त खत्म हो गई जब रात भर इंतेज़ार के बाद सुबह सूरज की लाल किरणे दिखाई दी।मेंहदी के साथ-साथ शादी समारोह के खुशियों का रंग भी फीका पड़ गया।परिजन बेटी की विदाई और शादी की चिंता में डूब गए।अब परिजन का ईश्वर और उसके बाद जिला प्रशाशन पर ही एक उम्मीद की किरण दिखाई दे रही है।

तो इसलिए लौट गई बारात,न गांव से निकली बारात
बताते चलें कि खैरा थाना क्षेत्र के चौकी टांड़ गांव में बुधवार की देर शाम बेखौफ बाइक सवार अपराधियों द्वारा उपसरपंच राम यादव के पुत्र सकलदेव यादव की लगातार तीन गोली मार कर निर्मम हत्या कर दी गई।युवक की हत्या के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सबसे पहले अपना गुस्सा शादी समारोह में बज रहे डीजे पर उतारते हुए डीजे को वाहन सहित आग के हवाले कर दिया।तो फिर क्या था देखते ही देखते अचानक गांव कीस्थिति तनावपूर्ण हो गई।इस हत्या ने गांव में साम्प्रदायिक तनाव का माहौल उत्पन्न कर दिया।फिर कुछ ही क्षणों में डीएम धर्मेंद्र कुमार,एसपी जगुनाथरेड्डी, एसडीपीओ रामपुकार सिंह सहित जिले के आलाधिकारी सैकड़ों पुलिस जवान के साथ घटना स्थल पर पहुंच कर मार्च करने लगे।लोगों में युवक के हत्या से इतना आक्रोश था कि सभी लोग एक दूसरे के खून के प्यासे थे।पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया।लोग दहशत से खौफ़ज़दा होकर अपने-अपने घर मे गेट लगा कर दुबक गए।इस वारदात की कहानी कुछ ही क्षणों में पूरे जिला में फैल गई।जिसकी भनक इसी गांव में आ रही बारातियों को लग गई।जिसे रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा।वहीं इसी गांव से एक बारात निकलने वाली थी लेकिन कोई बाराती जाने के लिए तैयार नहीं हुए।

एक ही रात तीन अलग-अलग घरों में आने वाली थी बारात,एक जाने वाली थी बारात
मालूम हो कि चौकी टांड़ गांव में बुधवार की रात्रि 04 घरों में शादी होने वाली थी।जबकि उसके दूसरे दिन गुरुवार को तीन घरों में शादी होने वाली थी।लेकिन युवक की अपराधियों द्वारा की गई हत्या ने सारी खुशियां बर्बाद कर दी।बताते चलें कि साम्प्रदायिक तनाव के बीच बुधवार की ही रात्रि सज्जाद अंसारी की पुत्री,तस्लीम अंसारी की पुत्री, अब्दुल रशीद की पुत्री की शादी होनी थी जिसकी बारात आने वाली थी।वहीं इसी रात नवाब अंसारी के पुत्र की बारात निकलने वाली थी।ठीक इसी के दूसरे दिन गुरुवार को भी तीन घरों में शादी होने वाली थी।

लाखों रुपये के खाने का सामान हुआ बर्बाद
वहीं रास्ते से बारात लौटने के बाद बारातियों के खिलाने के लिए बनाए गए लाखों रुपये का खाना बर्बाद हो गया।बारातियों के स्वागत के लिए सजाई गई महफ़िल भी बेकार हो गई।वहीं सज्जाद अंसारी,नवाब अंसारी,तस्लीम अंसारी ने बताया कि युवक की हत्या कौन किया है पता नहीं है लेकिन कुछ लोगों द्वारा इसे साम्प्रदायिक रूप दे दिया गया है जिस वजह से बारात नहीं निकलने व रास्ते से बारात लौटने के बाद हमलोगों का सारा खर्च बेफजूल चला गया।लाखों रुपये की सजावट और बनाया गया खाना बर्बाद हो गया।वहीं सबाना खातून ने बताई की हमलोगों के घर मे शादी थी हमलोग बाराती की स्वागत की तैयारी में जुटे थे।बिना बेटी को विदा किये कोई कैसे हत्या कर सकता है।अब पता नहीं कब हमलोगों की बेटी विदा होगी कोई बाराती डर से इस गांव में आना नहीं चाह रहा है।

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