दिल्ली में ऑटोवालों की मनमानी पर कोई रोक नहीं


ऋषी तिवारी
नई दिल्ली। दिल्ली में ऑटो रिक्शा के मिटर रहते हुवे भी मीटर से ना जाना और कही भी जाने से मना कर देना ,१ किलोमीटर तक जाने के लिए १०० रुपए तक लेना और जनता को सरे आम बेइज्जत करना और आदि।
गौरतलब है कि दिल्ली में ऑटो वाले रिक्शा के लिए जब भी आम जनता उनसे मीटर से जाने के लिए कहा जाता है तो वो मीटर का ख़राब जाने का बहाना बनाते है जबकि वह मीटर चालू रहता है और आम जनता से दबंगई करते है कितने दिल्ली में १०० में से ९९ प्रतिशत रिक्शा बिना मीटर के चलाये जाते है १ या २ प्रतिशत लोग ही होंगे जो मीटर से जाते है। कितने लोगो ने आरटीओ में इसकी कॉम्पलेन भी किया गया है लेकिन दिल्ली आरटीओ ऑफिसर इसपर ध्यान नहीं देते है। जिसमे सरकार ने उन्हें मीटर लगाकर इस लिए दिया गया है कि मीटर के द्वारा चलाया जाये लेकिन आरटीओ और रिक्शा चाक की मिली भगत से ये लोग बिना मीटर के रिक्शा चलते हर मोड़ पर नजर आते है।

एक सर्वे में भी मलूम हुवा है कि छत्तरपुर जैसे जगह पर मेट्रो से आरकेपुरम तक ३ पैसेंजर में से एक-एक १० रूपये होते है वही रिक्शा चाक आपने मनमानी करते आरकेपुरम तक ३ पैसेंजर में से एक-एक ५० रुपये लेते है जिसके सामने रतो ऑफिस होते हुवे भी ये सब काम करते नजर आते है।

कितने लोगो ने तो रिक्शा चाक के खिलाफ कितनी बार कम्पलेन्ट करवाया होगा लेकिन इस पर कोई कारवाही नहीं किया गया है।

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