धोनी को नंबर 7 पर भेजना मेरा अकेले का फैसला नहीं :-संजय बांगड़


टीम इंडिया के पूर्व ऑल राउंडर सजंय बांगड़ ने 2014 में भारत के बल्लेबाजी कोच का चार्ज संभाला है । वह टीम इंडिया को 50 टेस्ट मैच और 119 वनडे में गाइड कर चुके हैं। वह कहते हैं कि भारत ने शानदार बल्लेबाजी की है । लेकिन वह अहम मौकों पर असफल रहे। वेस्टइंडीज दौरे पर रवाना होने से पहले बांगड़ ने कहा कि सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के हाथों हार से पूरी टीम निराश थी, लेकिन मुझे टीम इंडिया पर गर्व है जिस तरह वह पूरे टूर्नामेंट में खेले।

मुझे आश्चर्य होता है कि लोग इस मामले में मेरी तरफ देखते हैं। यह अकेले मेरा निर्णय नहीं था। विश्वास कीजिए हमने सारी स्थितियों का जायजा लिया और उसके बाद यह निर्णय हुआ। विश्व कप की शुरुआत में ही कुछ जिम्मेदारियां बल्लेबाजों को दी गई। हमने यह भी निर्णय किया था 5, 6 और सातवें नंबर बल्लेबाजी क्रम को लचीला रखा जाए। सभी खिलाड़ी निजी रूप से इससे अवगत थे। विराट कोहली ने भी सेमी फाइऩल के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि अफगानिस्तान के साथ मैच के बाद यह तय किया गया था कि धौनी निचल क्रम में खेल सकते हैं। ताकि वह 35 ओवरों के बाद मैच को संभाल सकें। इसलिए उन्हें सेमीफाइनल में छठे नंबर पर भेजा गया। दिनेश कार्तिक को प्रमोट करके पांचवें नंबर पर भेजा गया। लेकिन विकेटों के पतन के बाद धौनी पर फिनीशर की जिम्मेदारी आ गई। रवि शास्त्री ने भी यह कहा कि धौनी को नीचे भेजने का निर्णय टीम का था। इसलिए उन्हें सातवें नंबर पर भेजा गया।

भारत ने टॉप टीमों के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया, हमने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चैलेंजिंग विकेट पर शानदार बल्लेबाजी की है । ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हमने 350 रन बनाए। पाकिस्तान के खिलाफ हमने मुश्किल विकेट पर 270 रन बनाए। वेस्टइंडीज और श्रीलंका के खिलाफ टीम ने बढ़िया बल्लेबाजी की। लेकिन अंतिम पांच ओवर में कई बार भारतीय टीम लड़खड़ाई है । यदि आंक़ड़ों पर नजर डालें तो हम हमारी बल्लेबाजी इंग्लैंड के बाद दूसरे नंबर पर रही है । अधिकांश खिलाड़ियों का औसत अच्छा रहा। टीम के खिलाड़ियों ने 7 शतक और 12 अर्द्धशतक लगाए।

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