लोकसभा चुनाव के नतीजों से पहले विपक्षी में हलचल


ऋषी तिवारी
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले ही मंगलवार को ईवीएम मुद्दे पर कांग्रेस, सपा, बसपा, तृणमूल कांग्रेस सहित सभी प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक दोपहर दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूश क्लब में 19 विपक्षी दलों ने किया और इस बैठक के बाद विपक्षी नेता चुनाव आयोग भी जाया जायेगा जिसमे वीवीपैट की पर्चियों का मिलान सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक करने एवं कई स्थानों पर स्ट्रांगरूम से ईवीएम के कथित स्थानांतरण से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई की मांग करेंगे।

बता दें कि इससे पहले सुबह सुप्रीम कोर्ट ने वीवीपैट से मतगणना की मांग को कड़े शब्दों के साथ खारिज कर दिया है । चुनाव आयोग ने भी नतीजों से पहले ईवीएम के साथ छेड़छाड़ के विपक्षी दलों के आरोपों पर जवाब दिया था। कांग्रेस की ओर से गुलाम नबी आजाद, बीएसपी के सतीश चंद्र मिश्रा, एनसीपी चीफ शरद पवार और वामपंथी दलों से सीताराम येचरी जैसा नेता इस बैठक में शामिल हैं। टीएमसी की ममता बनर्जी ने डेरेक ओ ब्रायन और एसपी चीफ अखिलेश ने रामगोपाल यादव को मीटिंग में अपने प्रतिनिधि के तौर पर भेजा है।

बता दें कि इस मीटिंग से पहले सोमवार को भी टीडीपी चीफ चंद्रबाबू नायडू ने कई नेताओं से मुलाकात की थी। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से भी मीटिंग की थी। इसके अलावा पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी से मिलने के लिए कोलकाता भी पहुंचे थे। इस बीच पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बयान जारी ईवीएम की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। प्रणब मुखर्जी ने लिखा, वोटर्स के फैसले के साथ छेड़छाड़ की रिपोर्ट्स को लेकर मैं चिंतित हूं। ईवीएम की सुरक्षा की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है, जिसमें निगरानी में मशीनें रखी हुई हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए, जब कोई हमारे लोकतंत्र को चैलेंज कर सके। जनता का मत सर्वोपरि है और उसे किसी भी संदेह के दायरे से बाहर रखना चाहिए।

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