पंचायती-राज व्यवस्था बागडोर संभालने से क्षेत्र में महिलाओं की प्रताड़ना का हुआ अंत: नकीब अहमद

आशुतोष कुमार की रिपोर्ट
रोहतास: शुक्रवार को राजद के जिलाध्यक्ष कलावती चौधरी के आवास पर महिला संगोष्ठी में बैठक के दौरान महिलाओं को संबोधित करते हुए राजद के वरिष्ठ नेता मो० नकिब अहमद ने कहा की पंचायती राज व्यवस्था के तहत महिलाओं को मिली आरक्षण सुविधा से उनके बढ़े सम्मान को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर उत्साह से लबरेज पाया गया। उनका कहना है कि इस प्रखंड में पंचायती राज के तहत आरक्षण मिलने से साक्षर से ग्रेजुएट तक की महिलाओं को मुखिया अन्य पंचायत प्रतिनिधि बनने का मौका मिला है। इससे उनका सम्मान बढ़ा है। राजनीति में महिलाओं के प्रवेश का द्वार खुल गया है। अब तक ग्रामीण स्तर पर छुपी राजनीतिक प्रतिभा को घर की दहलीज से बाहर निकलने का मौका मिला। हम पंचायत प्रतिनिधि महिला सशक्तिकरण का मिसाल बन गई है। पंचायती राज व्यवस्था की बागडोर संभालने से क्षेत्र में महिलाओं की प्रताड़ना शोषण का अंत हुआ है।

इससे पीड़ित महिलाएं अब शायद ही कभी शिकायत लेकर सामने आई है। इस अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर हम सभी महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने का संकल्प लिया है। मगर इन जनप्रतिनिधि पदों को संभाल कर इन महिलाओं ने हर क्षेत्र में पंचायत के विकास को मंजिल की राह पर ला खड़ा किया है। जिला परिषद से प्रखंड पंचायत स्तर पर विभिन्न कार्यक्रमों में इनकी भागीदारी उपस्थिति ने महिलाओं को सामाजिक-राजनीतिक कद को बढ़ाया है, पर पंचायती राज व्यवस्था के तहत पूर्ण विभागीय अधिकार का अब तक नहीं मिलना अफसोस जनक स्थिति है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर हमारी मांग होगी कि सरकार ने पंचायती राज व्यवस्था के तहत आरक्षण देकर महिलाओं को जो सम्मान दिया है, उसे स्थापित करने पंचायत प्रतिनिधि के कर्तव्य को पूरा करने के लिए पंचायती राज को पूर्ण अधिकार दिया जाय। ताकि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की सार्थकता सही साबित हो सके। इन महिला पंचायत प्रतिनिधियों ने इस मौके पर समाज के हर तबका हर वर्ग की महिलाओं को शिक्षित बनने, संघर्ष करने आगे बढ़ने का आह्वान किया।

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