डीटीसी बसों की कमी से यात्री परेशान


ऋषी तिवारी
नई दिल्ली। दिल्ली परिवहन निगम यानी डीटीसी बसों के कुछ रूटों पर व्याप्त समस्याओं से यात्री परेशान हैं। बार बार शिकायतों के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। कुछ रूटों पर तो ड्राइवर इतनी मनमानी करते हैं कि बसें रोकते ही नहीं, जबकि बसें खाली होती हैं। इससे यात्रियों को परेशानी तो होती ही है, डीसीसी को भी नुकसान होता है।

डीटीसी बसों की तमाम शिकायतें लंबित हैं तो कुछ बसों में शिकायत पंजिका ही उपलब्ध नहीं है। आनलाइन शिकायतों को भी डीटीसी अधिकारी नजरअंदाज कर देते हैं। शाम पांच बजे से इन बसों में ड्राइवरों की नौटंकी शुरू हो जाती है। बता दें कि 392,398,323,516,523,506 आदि रूटों पर समस्या अधिक है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समय समय पर डीटीसी यात्रियों के लिए लुभावने वादे करते रहते हैं, लेकिन उन्होंने कभी भी पुरानी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया। उनकी सरकार ने कभी भी बसों की संख्या नहीं बढ़ाई, जबकि बसों की कमी से परेशान यात्री घंटों बस स्टैंड पर बेसब्री से इंतजार करते देखे जा सकते हैं। दिल्ली मेट्रो का किराया अत्यधिक बढ़ जाने से यात्रियों का दबाव डीटीसी पर बढ़ा है।

डीटीसी की लो फ्लोर बसों में ग्रीन लाइन व रेड लाइन बसें शामिल हैं जिनमें रेड लाइन बस सेवा वातानुकूलित सुविधा से लैस है। लेकिन इन बसों में ज्यादातर खस्ताहाल हैं। जब ये ब्रैकडाउन होती हैं तो बीच रास्ते में यात्री परेशान हो जाते हैं। बसों की चेकिंग के नाम पर अधिकारी धमकाकर वसूली के चक्कर में पड़ जाते हैं, जिससे नुकसान डीटीसी का ही होता है। यही वजह है कि डीटीसी आमतौर पर घाटे में रहती है और उसका विकास नहीं हो पाता।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली परिवहन निगम या दिपनि दिल्ली की सरकारी जन-परिवहन सेवा है। यह विश्व की सबसे बड़ी बस सेवा है जो पूर्णतया संपीडित प्राकृतिक गैस पर आधारित है। यह दिल्ली के अंदर और आस-पास के प्रदेशों के कई नगरों तक बसें चलाती है। दिल्ली परिवहन निगम की शुरुआत मई 1948 में की गई। यह आजकल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की सरकार के अंतर्गत आती है। इसे आम बोलचाल में डीटीसी भी कहा जाता है।

दिल्ली के अंदर चलने वाली बसें 34 डिपो से चलती हैं और अन्तर्राज्यीय बसें तीन अन्तर्राज्यीय बस अड्डों से चलती हैं, जोकि कश्मीरी गेट, सराय काले खां और आनन्द विहार पर हैं। ये बसें सुबह से प्रारंभ होकर अनेक मार्गों पर रात 10:30 तक चलती रहती हैं। इनमें से प्रमुख मार्ग है मुद्रिका और बाहरी मुद्रिका, जो कि मुद्रिका मार्ग या महात्मा गांधी मार्ग और बाहरी मुद्रिका मार्ग पर हैं।

दिल्ली परिवहन निगम के बसों की मनमानी न्यूज़ या लेटर का कोई असर दिल्ली सरकार और डीटीसी अधिकारिओ और डेपो पर नहीं

दिल्ली परिवहन निगम के बस और अधिकारी सुबह से शाम तक के राजा

दिल्ली में डीटीसी के ग्रीन बसों की लापरवाही से जनता परेशान

दिल्ली में डीटीसी के ग्रीन बसों की लापरवाही से जनता परेशान

डीटीसी सरकारी बसों में कंडक्टर और ड्राइवर की मनमानी जनता परेशान

डीटीसी बसों की लापरवाही से जनता परेशान

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