जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पानी के लिए बर्तन लेकर इधर-उधर भटक रहे लोग

रमेश शंकर झा, समस्तीपुर बिहार
समस्तीपुर:- जिले के विभिन्न जगहों सहित आस-पास के विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल संकट का यह आलम है कि अब लोगों को पानी के लिए बर्तन लेकर इधर से उधर भटकना पर रहा है। अनावृष्टि एवं भूगर्भीय जलस्तर के काफी नीचे चले जाने से जिले के विभिन्न प्रखंडों व पंचायतों में अधिकांश चापाकल दम तोड़ चुके हैं। निजी स्तर से पानी बेचने वाली गाड़ी पर नजर पड़ते ही लोग अपने-अपने घरों से बर्तन लेकर दौड़ पड़ते हैं। रोजमर्रा के खर्चे से अलग पांच रुपये से लेकर बीस रुपये तक खर्च कर पानी खरीदते हैं लोग। उसी से दिन भर काम चलाते हैं।

चापाकलों की यह हालत है कि मरम्मत कराने के बाद भी उससे पानी निकालना असंभव हो गया है। जलस्तर काफी नीचे चले जाने से उसने काम करना ही बंद कर दिया है। जानकारों की माने तो उसे उखाड़कर उसमें अतिरिक्त पाइप जोड़कर फिर से गाड़ने के बाद ही पानी निकल सकता है। इस कारण कोई विकल्प नहीं देख अब ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी निजी बोरिंग, निजी समरसेबल वालों से आरजू मिन्नत कर पानी लेकर जैसे तैसे गुजारा करने को विवश हैं, या फिर पानी बेचने वालों से पानी खरीदने को मजबूर हैं।

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