प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी रोड शो और नामांकन में सुरक्षा की थी बड़ी चुनौती


वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीवानों ने सुरक्षा इंतजाम का बखूबी पालन किया। पीएम का रथ आने से पहले सुरक्षाकर्मियों ने सड़क के दोनों तरफ लोगों को किनारे करने के लिए रस्से खींचे तो लोग खुद किनारे हो गए। एसपीजी के साथ जिला पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने रोड शो के दौरान सुरक्षा इंतजाम करने पर काफी मंथन किया गया था। रात-दिन तैयारी की गई थी। पुलवामा की घटना, पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक और श्रीलंका में बम विस्फोटों के बाद लाखों की भीड़ में सुरक्षा व्यवस्था थी । एसपीजी अफसरों के साथ एडीजी पीवी रामाशास्त्री से लेकर एसएसपी आनंद कुलकर्णी, कमिश्नर दीपक अग्र्रवाल, डीएम सुरेंद्र सिंह सुबह से ही क्षेत्र में सक्रिय थे।

रोड शो के दौरान सुरक्षा और शांति के लिए 15 आईपीएस के साथ एक दर्जन जिलों से आए पांच हजार से ज्यादा पुलिस फोर्स की तैनाती रही। रैपिड एक्शन फोर्स, सीआईएसएफ, पीएसी की भी आठ कंपनियों ने मोर्चा संभाले रखा। मगर इसमें खास मौकों पर तैनाती के लिए गठित स्पेशल-120 फोर्स भी खासी सहायक रही। कुछ ही दिन पहले एक्शन में आए इन जवानों ने भीड़ नियंत्रण का काम किया।

आपको बता दें कि इस मौके पर मोदी के साथ भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद थे। नामांकन से पहले मोदी ने शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे, शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल, लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख राम विलास पासवान, बिहार के मुख्यमंत्री एवं जनता दल युनाइटेड के नेता नीतीश कुमार, अपना दल (सोनेलाल) की प्रमुख अनुप्रिया पटेल से मुलाकात की।

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