56 इच की छांती वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी पर या डरकर वोट बेंन्क की राजनीती करने वाले प्रधानमंत्री : मुख्यमंत्री विजय रूपाणी


प्रणवसिंह, ब्यूरो चीफ
मुख्यमंत्री विजयभाई रूपानी ने पाटन लोकसभा सीट के राधनपुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि चुनाव का मुख्य बिंदु वही है। किसके हाथों में सुरक्षित है देश? देश की रक्षा करने में कौन सक्षम है? 56 इच की छांती वाले प्रधानमंत्री या डरपोक, वोट बैंक की राजनीती वाले प्रधानमंत्री चाहते हैं।

यह चुनाव चौकीदार के खिलाफ चोरों का चुनाव है। मैं भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, मेभी चौकीदार के नाद के साथ देश के लोगों के साथ खडे़ रहे है । नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि वह प्रधानमंत्री,नही प्रधानसेवक, चौकीदार हुं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के खजाने पर भ्रष्टाचार की नजर नही लगने देगें।रूपानी ने कहा कि जिस तरह से शरीर की सेहत के लीऐ मिलावट की स्थिति हमेशा हानिकारक होती है, इसी तरह महागठबंधन से बनी महामिलावट गेंग भी इस देश सेहत के लिए हानी कारक है।

वे कहते हैं कि मोदी को हटा दिया जाना चाहिए, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं, भ्रष्टाचार को हटाओ। वे ल कहते हैं कि मोदी को हटा दिया जाना चाहिए, और मोदी कहते हैं कि गरीबी को दूर करना है, देश की जनता को यह तय करना है कि किससे छुटकारा पाया जाए। जब सत्ता में थे तब इन उग्रवादी नेताओं ने बहुत भ्रष्टाचार किया। परिवार – रिश्तेदारों के अलावा कुछ नहीं किया। गरीब, शोषित, , वंचितों को चिंता करने की कोई बात नहीं है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चोर कहने पर चोरों के हौसले बुलंद हो गए हैं। लेकिन देश का चौकीदार चोर नहीं है, बल्कि बिल्कुल शुद्ध है और ईमानदारी से देश की सेवा कर रहा है। उनका एकमात्र मुहावरा है, “न खाना, न खानेदेना ।” कांग्रेस अपनी गरिमा की चिंता में व्यस्त है। हेलीकाप्टर घोटाला आरजी।, ए। पी। जैसे नाम सामने आ रहे है, दलाल और बेईमान कांग्रेस का पर्याय बन गए हैं।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह चुनाव बेईमानी के खिलाफ ईमानदारो का चुनाव है। 10 साल तक डॉ। मनमोहन सिंह की सरकार सोनिया गांधी के रिमोट कंट्रोल से चली। इस समय में देश में घोटालों पर घोटाले देखने को मिले हैं।
भ्रष्टाचार पे भ्रष्टाचार, कोयला घोटाला, स्पेक्ट्रम घोटाला, कॉमन वेल्थ गेम्स और हेलीकॉप्टर घोटाले ईसी तरह चारो तरफ सीर्फ ओर सीर्फ घोटाले ही देखने को मीले । कांग्रेस के कई दर्जन नेताओं न् जेल की हवा खाई है , आज वे जमानत पर बाहर हैं। नरेंद्र मोदी ने दिल्ली जाने के बाद से दलाली की दुकानों को बंद कर दिया है, इसलिए बिचवाले लोंगो के पेट दर्द हो रहा है । नरेंद्र मोदी गुजरात में ईमानदारी से काम कर रहे हैं, उसी तरह, आज वह मंत्री के रूप में देश के लिए काम कर रहे हैं।

आतंकवाद के खिलाफ आतंकवाद से लड़ने और भारत को एक शक्तिशाली देश बनाने की चाहत रखते है, वहीं दूसरी ओर, परिवारवाद, आतंकवादियों का रक्षक, वोटबैंक की राजनीति करने वाली कांग्रेस है। भाजपा का विचार स्पष्ट है, ल”तेरा वैभव अमर रहे , मां हम दीन चार न रहें” देश के लिए के लिऐ जीऐगें देश के लिए मरेंगें ।

भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता में देश के लिए मर मिटने की भावना है। कांग्रेस एक संकीर्ण मानसिकता से पीड़ित है, जिसे देश की सत्ता पर एक ही परिवार काे देखना है। जवाहरलाल नेहरू से पहले इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी। कांग्रेस में परिवारवाद के अलावा कुछ नहीं है।

रूपानी ने राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस को लालकृष्ण आडवाणी की चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। आडवाणी जी हमारे पिता हैं, वे अच्छी तरह से जानते हैं कि अपनी सम्माननीयता को कैसे बनाए रखा जाए। कांग्रेस की अपनी चिंता है। अतीत में, कांग्रेस ने सरदार वल्लभभाई पटेल, अम्बेडकरजी, राम मनोहर लोहियाजी, जयप्रकाश नारायणजी जैसे ब़डे कदावर नेताओं को आगे न बढ़ा के दूर करने की साजीश की ।

यह केवल भाजपा में ही संभव है कि एक गरीब चाय वाला भी देश का प्रधानमंत्री बन सकता है। बीजेपी पार्टी कार्यकर्ताओं की पार्टी बीजेपी “सबका साथ सबका विकास” वाली पार्टी है। और उसके कारण, जो आज दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है।
कांग्रेस को देश की सुरक्षा, एकता, उदासीनता और संप्रभुता की चिंता नहीं है, उन्हें केवल वोटों की चिंता है। मछली बिना पानी के तडपती रहती है, कांग्रेस सत्ता की चाह में तडपती रहती है। केरड में मदनी नाम वाले आतंकवादियों के पोस्टर लगाने के साथ, कांग्रेस मुशलीम लीग के साथ वोट मांगने के लिए निकली है।

डॉ मनमोहन सींग १० साल तक प्रधानमंत्री रहे तभी मुंबई, अहमदाबाद, वाराणसी, अयोध्या, दिल्ली, हैदराबाद जैसे शहरों में बमबारी और 10 वर्षों तक प्रधानमंत्री के रूप में मनमोहन सिंह के कार्यकाल में आतंकी हमले हुए। बड़ी संख्या में निर्दोष नागरिकों ने अपनी जान गंवाई है। हमलों के बावजूद, आतंकवादियों को हमले का ऐक भी जवाब दिया गया नही दूसरी तरफ देखते सोचते है ऐसे ब़डे ब़डे लेक्चर देते रहै , बोलने के बिना आतंकवाद पर अंकुश लगाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है। दूसरी तरफ, नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व में, उरी हमले पर सर्जिकल स्ट्राइक और पुलवामा पर एयर स्ट्राइक द्वारा भारी प्रतिक्रिया के जवाब में सेना के हमले से पाकिस्तान को पता चला है कि भारत के सामने आखं उठाकर देखेगें तो भारत हमारी आखें लोच लेगा ।

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