बरसात से पहले ही मोहल्ले में जल-जमाव की समस्या


रिपोर्ट,मो.अंजुम आलम,जमुई (बिहार)
जमुई:-एक ओर सरकार स्वच्छता को लेकर कई प्रकार की मुहीम चला रही है बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर इनके पदाधिकारी सूचना के बावजूद भी अनजान बने बैठे हैं।स्वच्छता का पाठ पढ़ाने वाली सरकार पूरी तरह फेल दिख रही है।बताते चलें कि शहर स्थित महिसौड़ी अल्पसंख्यक मोहल्ले में जहाँ आजतक न तो नगरपरिषद द्वारा नाले की साफ-सफाई कराई गई है और न ही किसी पदाधिकारियों द्वारा नाले का निकास कराया गया है वर्षों से सिर्फ पदाधिकारियों के आश्वासन पर ही मोहल्ले के लोग किसी तरह खुद नाले की साफ-सफाई कर जीवन-यापन कर रहे थे लेकिन 15 दिन पहले जो भी थोड़ा सा नाले का निकास था उसे भी दबंगों द्वारा बन्द कर दिया गया जिसका नतीजा दर्जन से अधिक घर नाले के पानी की चपेट में आ गया है।एक घर तो पूरी तरह नाले के पानी में डूब चुका है।एक ओर रमज़ानुल मुबारक का पाक महीना तो दूसरी ओर पवित्र त्योहार ईद को लेकर लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है।

400 घरों को नहीं मिल रहा नाले का निकास
बताते चलें कि शहर के महिसौड़ी मोहल्ले के करीब 400 घरों को नाले का निकास नहीं मिल रहा है जबकि यह मोहल्ले में वार्ड नम्बर-13,12 और 19 के कुछ घर शामिल हैं।यहां तक कि जनप्रतिनिधि भी इस मामले से अनजान बने बैठे हैं।निकास नहीं होने की वजह से धीरे-धीरे नाले का पानी गली और घर में घुस रहा है।

नाले के पानी से एक घर डूबा, कई घर डूबने के कगार पर
नाले का निकास बन्द होने की वजह से महिसौड़ी मोहल्ले में जसीम खान का घर पूरी तरह नाले के पानी से डूब गया है तो वहीं मोहल्ले की गली में भी नाले का पानी बह रहा है।जबकि इस नाले के पानी की चपेट में मो.शमीम खान,मो.कुद्दुस खान,मो.मासूम खान,मो.इस्लाम,मो.बुलंद अख्तर,मो.नौशाद,मो.नाजिर,मो.मंजूर,मो.अनवर सहित एक दर्जन से अधिक घर के आ जाने से मोहल्ले में हाहाकार मचा हुआ है।

निकास नहीं होने का मुख्य वजह है अतिक्रमण
स्थानिए लोगों की माने तो गैर- मजरुआ ज़मीन,गबड़ा,पैन पर अतिक्रमण करने व उसे भरकर निजी प्रयोग में लाना की वजह से नाले का निकास बन्द हो गया है।पूर्वज से पूरे मोहल्ले के नाले का पानी बाबुटोला स्थित पैन में गिरते आ रहा था लेकिन कुछ वर्षों से दबंगों द्वारा पैन को भर दिया गया जिससे नाले का निकास अवरुद्ध हो गया और स्थानिए निवासी रमन सिंह द्वारा जो भी नाले का निकास बचा हुआ था उसे जबरन बंद कर दिया गया।इतना ही नहीं कुछ लोगों द्वारा नाले में मिट्टी गिरा दी गई जिस वजह से पानी घर और गाली की ओर आ गई।

नाले का पानी रोकने को लेकर दो वर्ष पूर्व दो पक्षों में हुआ था विवाद
बताते चलें कि वर्षों से पूर्वज से ही महिसौड़ी मोहल्ले के नाले का पानी बाबुटोला स्थित पैन में गिरते आ रहा था लेकिन कुछ वर्षों पूर्व रमन सिंह द्वारा अपने निजी जमीन पर शगुन वाटिका विवाह भवन बना दिया गया था लेकिन नाले का पानी दीवार के किनारे से होकर गुजरता था जिसे लगभग 02 वर्ष पहले रमन सिंह द्वारा दीवार दे कर बन्द कर दिया गया था जिसको लेकर मोहल्ले वालों द्वारा दीवार तोड़ दिया गया और दोनो के बीच जमकर विवाद भी हुआ था।हालांकि इस विवाद को एसडीओ द्वारा समझौता करवा कर नाले का निकास शगुन वाटिका के दीवार के बगल से दिया गया था जिसपर दोनो पक्ष के लोग राजी थे।उस वक़्त नाला बनवाने का आश्वासन भी एसडीओ द्वारा दिया गया था।सबकुछ ठीक-ठाक ही चल रहा था कि अचानक 15 दिन पहले रमन सिंह द्वारा फिर नाले के पानी को बंद कर दिया गया जिस वजह लोगों के बीच गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है।

कहते हैं पदाधिकारी
कार्यपालक पदाधिकारी जनार्दन प्रसाद वर्मा ने बताया कि जलजमाव के स्थल का निरीक्षण किया गया है।मोहल्ले वासियों द्वाराआवेदन देने के बाद तत्काल पानी निकासी को व्यवस्था की जाएगी।फिर आवेदन के अनुसार डीएम से मिलकर जल्द ही निदान निकाला जाएगा।

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