दो महिने पहले ही के घर आई नन्ही परी, लेकिन पिता हुए पुलावामा हमले में शहिद

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नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में गुरुवार शाम सुरक्षाबलों पर अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला हुआ। इसमें सीआरपीएफ के 42 जवान शहीद हो गए। इनमें जयपुर की शाहपुरा तहसील के गोविंदपुरा बासड़ी ग्राम की लांबो की ढाणी के सपूत रोहिताश लांबा भी हैं। गुरुवार को श्रीनगर-जम्मू हाइवे पर लेथपोरा में एक फिदायीन आतंकी ने 200 किलो विस्फोटकों से भरी एसयूवी से सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाया।

बता दें कि शहिद जवान रोहिताश लांबा के घर बीते 10 दिसंबर 2018 को नन्ही परी का आगमन हुआ था। शहिद जवान काफी खुश था  औऱ वो अपनी छुट्टियों का इंतजार कर रहा था। लेकिन देश की इफाजत करते हुए ये वीर जवान शहिद हो गया।

विस्फोट की चपेट में आई दो बसों में से एक के परखच्चे उड़ गए। 78 वाहनों के काफिले में सीआरपीएफ के 2500 जवान थे। इनमें से ज्यादातर छुट्‌टी खत्म होने के बाद ड्यूटी पर लौट रहे थे। हमला दोपहर बाद 3.15 बजे हुआ। विस्फोट के बाद दूर-दूर तक जवानों के शरीरों के अंग बिखर गए थे। विस्फोट के बाद फायरिंग की आवाज भी सुनाई दी थीं।

हमले की चपेट में आई बस सीआरपीएफ की 76वीं बटालियन की थी।

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