आनेवाला विधानसभा चुनाव राज ठाकरे अकेले लड़ सकते हैं


आर.पी.मौर्या
मुंबई। राज ठाकरे जो महाराष्‍ट्र नवनिर्माण सेना के अध्‍यक्ष है उन्होंने ने गुरुवार को संकेत देते हुवे कहा कि उनकी पार्टी भविष्‍य में किसी भी गठबंधन में शामिल नहीं होगी और होने वाले विधानसभा चुनाव में अकेले ही सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
एमएनएस नेता ने कहा, ‘हम अपने प्रत्‍याशियों के साथ चुनाव लड़ने पर विचार कर रहे हैं। हमारे लिए बेहतर अवसर है क्‍योंकि हम राज्‍य सरकार की नीतियों पर हमला करेंगे। राज्‍य सरकार के विरोध में एक वास्‍तविक मौका है और राज साहेब इसका इस्‍तेमाल कर सकते हैं। हालांकि हमें यह रणनीतिक रूप से करना होगा ताकि हमारी पार्टी कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन की एक सहयोगी न नजर आए।

माना जा रहा है कि शरद पवार लोकसभा चुनाव में एमएनएस फैक्‍टर के काम नहीं करने पर भी राज ठाकरे को महागठबंधन में लाने के इच्‍छुक हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक यहां तक कि कांग्रेस भी राज ठाकरे के साथ हाथ मिलाने को तैयार है। लोकसभा चुनाव के दौरान राज ठाकरे के गठबंधन में आने का कांग्रेस ने विरोध किया था। एनसीपी के एक नेता ने कहा, ‘यह कहना ठीक नहीं होगा कि लोकसभा चुनाव में राज ठाकरे की रैलियों के कारण कांग्रेस-एनसीपी को कोई फायदा नहीं मिला। अगर एमएनएस ने चुनाव लड़ा होता तो तस्‍वीर दूसरी होती।

बता दें कि राज ठाकरे की नौ रैलियों में भारी भीड़ जुटने और फैक्‍ट चेकिंग विडियोज के बाद भी कांग्रेस-एनसीपी को इसका कोई फायदा नहीं हुआ। यहां तक कि बीजेपी-शिवसेना जिन 11 जगहों पर राज ठाकरे ने रैलियां की थीं, उनमें से सात जगहों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की है। उधर, एमएनएस के प्रवक्‍ता संदीप देशपांडे ने आरोप लगाया कि राज ठाकरे द्वारा बनाए गए ‘माहौल’ का फायदा उठाने में कांग्रेस-एनसीपी असफल रहीं। इस बीच कांग्रेस और एनसीपी के एक धडे़ का मानना है कि बीजेपी-शिवसेना को दोबारा सरकार बनाने के लिए एमएनएस और प्रकाश आंबेडकर को गठबंधन में शामिल किया जाना चाहिए।

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