7 मार्च तक शशि थरूर को मिली राहत, पत्नी को मौत के घाट उतारने का है आरोप

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नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को कांग्रेस सांसद शशि थरूर के खिलाफ एक मामले की सुनवाई सात मार्च तक के लिए स्थगित कर दी। थरूर पर अपनी पत्नी सुनंदा पुष्कर को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। विशेष न्यायाधीश अरुण भारद्वाज ने दिल्ली पुलिस द्वारा सांसद के खिलाफ आरोप तय करने के मुद्दे पर अपने दलील की तैयारी के लिए अधिक समय की मांग किए जाने के बाद सुनवाई को स्थगित कर दिया।

थरूर के वकील विकास पहवा ने अदालत को बताया कि मामले में पुलिस द्वारा मुहैया कराए गए दस्तावेजों में कुछ विसंगतियां हैं।

इस बीच, थरूर ने बहरीन और कतर की यात्रा पर जाने का अपना आवेदन अदालत में दाखिल किया। अदालत ने कहा कि वह विदेश यात्रा पर जाने की मांग करने वाली कांग्रेस नेता की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगी।

पुलिस ने 14 मई, 2018 को थरूर के खिलाफ पत्नी को खुदकुशी के लिए उकसाने और क्रूरता से संबंधित भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था।

क्या था मामला

पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत रहस्यमय परिस्थितियों में दक्षिण दिल्ली के एक होटल के कमरे में 17 जनवरी, 2014 को हुई थी। इससे कुछ ही दिन पहले उन्होंने थरूर पर पाकिस्तान की एक पत्रकार के साथ अंतरंग संबंध होने के आरोप लगाए थे।

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