जमुई जिले के चारों ओर हर-हर महादेव के जयघोष से गुंजयमान हुआ शिवालय

अंजुम आलम की रिपोर्ट
जमुई: सोमवार को जिले भर में महा शिवरात्रि का पर्व भक्तिमय तरीके से मनाया गया। शिव भक्तों के हर-हर महादेव के जयघोष से पूरे जिले के शिवालय गुंजयमान हो गया। सभी शिवालयों पर पुरुष व महिलाओं व पुरुष श्रद्धालुओं की भीड़ सोमवार की सुबह से ही उमड़ी रही।शहर स्थित पंच मंदिर, महिसौढी स्थित शिव मंदिर, पुरानी बाजार स्थित शिव मंदिर, सिंगारपुर शिव मंदिर में अहले सुबह से ही महिला पुरुष शिव भक्तों का तांता लगा रहा। हर कोई भगवान शिव को जलाभिषेक कर अपने-अपने परिवार के लिए मंगलकामना की। सोमवार को सोनो प्रखंडवासियों ने बड़ी धुमधाम से महाशिवरात्रि पर्व मनाया।

शिवालयों में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा अर्चना की और सुख शांति के लिए कामना भी की। सुबह से ही शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने शुरू हो गई थी शिव भक्तों ने दूध बेलपत्र भांग शमीपत्र धतूरा फूल आंक फुल, कनेली फुल, गन्ना रस दही घी से गंगाजल आदि से अभिषेक किया। वहीं प्रखंड के 215 सीआरपीफ बटालियन कैंप बटिया में अवस्थित मंदिर में कमांडेंट धर्मेंद्र कुमार के द्वारा गरीबों के लिए पूजा अर्चना के साथ साथ भंडारा का भी आयोजन किया गया था। प्रखंड के डुमरी गांव में बाबा कंचेनेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित मिथिलेश पाण्डेय कहते हैं कि इस बार की महाशिवरात्रि पर्व सर्व सिद्धि योग है।जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से पूजा अर्चना करते हैं और उपवास रखते हैं उनकी सारी मनोकामना पूर्ण होगी। वहीं अमरावती धाम मंदिर के पुजारी पंडित कृष्ण मोहन पाण्डेय ने बताया कि देवाधिदेव महादेव और माता पार्वती का विवाह दिवस यानी महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाता है। इस बार महाशिवरात्रि पर्व अमृत सिद्धि योग है श्रवण नक्षत्र में मनाई जा रही है । आज भगवान शिव की आराधना करने से अतिफलदायी मानी जाती है। शिवरात्रि पर सूर्यास्त के बाद चारों प्रहर में शिव पार्वती का जागरण करना चाहिए।पहले प्रहर में दूध से, दूसरे प्रहर में दही से ,तीसरे प्रहर में धी से ,चौथे और अंतिमशहद से अभिषेक करना चाहिए।शिव पुराण के अनुसार शिवरात्रि के दिन शिव लिंग का पृथ्वी पर प्रादूर्भाव हुआ था।महाशिवरात्रि पर भक्तों ने देवाधिदेव महादेव की पूजाअर्चना कर मंगल जीवन की कामना की। गिद्धौर,खैरा व झाझा प्रखंड में भी धूम-धाम से मनाई गई शिवरात्रि। महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रखंड के विभिन्न इलाकों के शिवालयों में शिवभक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस पावन पवित्र मौके पर गिद्धौर प्रखंड के अति प्राचीन पंच शिव मंदिर बाबा बूढ़ानाथ मंदिर,उलाइ नदी मंदिर,बाबा विकट नाथ मंदिर,रतनपुर शिवालय,सेवा शिवालय, गंगरा शिवालय,कोल्हुआ शिवालय,धोबघट शिवालय, पूर्वी गुगुलडीह,मौरा शिवालय सहित अन्य कई मंदिरों एवं शिवालयों में दर्जनों शिव भक्तों की भीड़ देखी गयी।वहीं खैरा प्रखंड के एतिहासिक गिद्धेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ अहले सुबह से ही उमड़ पड़ी।श्रद्धालु मंदिर स्थित क्यूल नदी में स्नान कर महादेव,पार्वती को भांग, धतूरा, बेल-पत्र, दूध से अभिषेक कर पूजा अर्चना की। बोल बम और हर-हर महादेव के नारे से वातावरण भक्तिमय हो गया। वहीं मंदिर परिसर में लगे मेले का आनंद भी लोगों ने जमकर उठाया।हालांकि की झाझा प्रखंड में भी शिवरात्रि पर्व को लेकर सुबह से ही गाना-बजाना व नारों के साथ पूरा प्रखंड भक्तिमय में डूबा रहा।वर्षों बाद संयोगवश सोमवार को देवों के देव महादेव के पावन पर्व महाशिवरात्रि होने के कारण शहर के शिव बाजार,पिपराडीह,पुरानी बाजार,बस स्टैंड,यक्षराज स्थान,गणेशी मंदिर,रेलवे क्लोनी आदि प्रखंड के सभी शिवालयों पर श्रद्धालुओं की भीड़ देर शाम तक देखने को मिला। बरहट में भी दिखा जश्न का माहौल। सोमवार को महाशिवरात्रि को ले कर प्रखंड के बाबा पतनेश्वर,मंदिर ,पुलिस लाइन शिव मंदिर, टेंगहरा, बरहट,पाड़ो के शिव मंदिर में सुबह के चार बजे से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का तांता देर शाम तक लगा रहा।वहीं शाम होते ही चारों ओर जश्न का माहौल बन गया।खूब आतिशबाजी भी हुई।श्रद्धालुओं ने शिव पार्वती जी को फूल, बेलपत्र और जल चढ़ा कर अपने जीवन को सुखद और मंगलमय के लिये बाबा भोलेनाथ से कामना की।प्रखंड में बाबा भोला की जयजयकार से पूरा शिवालय गूंज उठा।वहीं पतनेश्वर पहाड़ की चोटी पर स्थित बाबा भोलेनाथ का मंदिर मुख्य आर्कषण का केंद्र बना रहा। मंदिर के संयोजक राजीव कुमार पांडेय ने बताया कि हिन्दू पंचांग के यह प्रतिवर्ष फागुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता हैं,और इस बार के महाशिवरात्रि में सर्वसिद्धियोग बन रहा है,बाबा भोलेनाथ सबकी मनोकामना पूर्ण करेंगें।बारात 7 बजे मंदिर प्रांगण से निकल कर बाजे, नगाड़े, भूत, प्रेत, पिचास, संत महात्मा एवं श्रद्धालू भक्तगणों के साथ, खैर, पतौना, मलयपुर से वापस पतनेश्वर धाम में आकर शिव और पार्वती का विवाह सम्पन्न हुआ।वहीं जिले के सिमुलतला,अलीगंज और सिकन्दरा और चकाई प्रखंडों में भी हर्षाेउल्लास का माहौल बना रहा।सभी लोग नए-नए कपड़े पहन कर ढोल बाजा के साथ शिव के बारात में शामिल हुए।

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