सदर अस्पताल के कुछ पाईप का किया गया नवीनीकरण तो कई पाईप का हाल है बेहाल


रिपोर्ट,मो.अंजुम आलम,जमुई (बिहार)
जमुई:-स्वच्छता हर जगह के लिए फायदेमंद है लेकिन अस्पताल में इसकी जरूरत कुछ ज़्यादा होती है।अस्पताल में मरीजों को इलाज के साथ स्वच्छता की पाठ पढ़ाई जाती है।लेकिन आज वही अस्पताल खुद स्वच्छता का मोहताज बना बैठा है।जहाँ एक ओर सरकार स्वच्छता को लेकर अभियान चला रही है बड़े-बड़े दावे कर रही है तो वहीं दूसरी ओर सरकार के ही कर्मी स्वच्छता अभियान की धज्जियां उड़ा रहे है।ऊपर से साफ सुथरा दिखने वाला जमुई का सदर अस्पताल जिसके अंदर गंदगियों का अम्बार लगा हुआ है।

जिसपर शायद अधिकारियों की नज़र पड़ती है लेकिन उसे नज़र अंदाज़ कर दिया जाता है।अस्पताल भवन में लगे चारों ओर पाइप भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है कुछ पाइपों का तो नवीनीकरण किया गया परंतु कई पाइप ऐसे हैं जिससे असप्तलाल से निकलने वाली गंदगियां जैसे मलमूत्र,गंदे पानी आदि कुछ नाले में तो कुछ अस्पताल भवन व परिसर में बह रहे हैं।जिससे अस्पताल कर्मियों के साथ-साथ मरीजों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ सकता है।इतना ही नहीं क्षतिग्रस्त पाइप से अस्पताल भवन की बुनियाद भी कमजोर दिखाई पड़ रही है।वर्षों से भवन की रंग-रोगन नहीं होने की वजह से अस्पताल अपनी सुंदरता पर आंसू बहा रहा है पाइप से गंदे पानी अस्पताल भवन की दीवार पर गिरने से दीवार भी क्षतिग्रस्त होती जा रही है।बताते चलें कि सदर अस्पताल की गंदगियों को निकालने के लिए भवन के चारों ओर पाइप लगाई गई है लेकिन महीनों से भवन में लगी पाइप क्षतिग्रस्त हो चुकी है जिससे मलमूत्र बाहर आ जाते हैं।

हालांकि कुछ ही दिनों पहले जागरण द्वारा अधिकारियों की गहरी नींद को तुड़वाया गया था उसके बाद कुछ पाइप की मोरम्मति कर खानापूर्ति कर ली गई है।चौकाने वाली बात तो यह है कि सिविल सर्जन कार्यालय के सामने क्षतिग्रस्त पाइप से मलमूत्र बाहर निकलते नज़र आ रहे हैं।फिर भी अस्पताल प्रबंधक द्वारा पाइप की मोरम्मति करवाना शायद उचित नहीं समझा जा रहा है।

कहते हैं अस्पताल प्रबंधक
इस सम्बंध में सदर अस्पताल प्रबंधक उपेंद्र चौधरी ने बताया कि क्षतिग्रस्त पाइप की मरम्मती की गई है।बची हुई पाइप की जल्द ही मोरम्मति कि जाएगी।

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