भारतीय वायुसेना के मिराज-2000 ने बर्बाद की ‘आतंक की फैक्ट्री’


सौरभ सिंह
नई दिल्ली | पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को बर्बाद करने के लिए भारतीय वायुसेना ने जिस मिराज-2000 फाइटर जेट का इस्तेमाल किया है, वो वायुसेना के सबसे बेहतरीन विमानों में से एक है। अत्याधुनिक क्षमताओं से लैस इस विमान की सप्लाई फ्रांस की दसॉ कंपनी ने की है। अस्सी के दशक में फ्रांस से मिराज-2000 विमान ने भारत-पाकिस्तान के बीच कारगिल युद्ध में भी बड़ी भूमिका निभाई थी। हालांकि हाल के दिनों में मिराज को अपग्रेड किया जा चुका है, जिसके बाद इसकी ताकत और भी बढ़ी है।

अपग्रेडेड मिराज-2000 लड़ाकू विमान को कंपनी ने साल 2015 में भारतीय वायुसेना के हवाले किया है। अपग्रेडेड मिराज-2000 को नए रेडार और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से लैस किया है, जिसके बाद अब इन विमानों की मारक क्षमता में भारी इजाफा हुआ है। इस विमान की अधिकतम रफ्तार 2,495 किलोमीटर प्रति घंटे की है, जो दुश्मनों की आंख में धूल झोंकते हुए एक साथ कई काम करने में सक्षम है।
डबल इंजन वाले मिराज विमान छोटे से रनवे से उड़ान भरने के साथ ही अपने भार के समान ही बम और मिसाइल लेजाने में सक्षम है। बिजली की रफ्तार से दुश्मनों पर हमला करने वाले मिराज विमान को भारतीय वायुसेना ने ‘वज्र’ नाम दिया है, जिसका वार कभी खाली नही जाता।
यह विमान हवा में तेज रफ्तार के साथ जमीन पर विध्वंस मचाते हुए हवा में भी दुश्मनों का मुकाबला कर सकता है। लक्ष्य आधारित हमलों के लिए खास तौर पर मशहूर मिराज एक साथ दुश्मन के दो विमानों से मुकाबला करने में सक्षम है। इसके अलावा यह जमीन पर एक साथ दो अलग-अलग जगहों पर भी हमला कर सकता है।
नये मिराज विमान का स्पेक्ट्रा सिस्टम पूरी तरह स्वचालित है जो काफी सक्षम तरीके से काम करता है। दसॉ कंपनी द्वारा तैयार किए गए स्पेक्ट्रा सिस्टम ऑटोमेटिक इलेक्ट्रॉनिक सिक्यॉरिटी सिस्टम है। एक खाली विमान का वजन 7,500 किलोग्राम बताया जाता है जबकि हथियारों के साथ इसका वजन 13,800 किलोग्राम तक का हो सकता है।
मिराज विमान को 30 एमएम के रॉकेट्स और कई तरह की मिसाइल एवंम लेजर गाइडेड बमों को अपने साथ लेजाने और दुश्मनों पर हमला करने में सक्षम है। अपने साथ अधिक बम लेजाने और लक्ष्य पर सटीक वार करना, कुछ ऐसी खासियत है, जो मिराज को अन्य लड़ाकू विमाने ती तुलना में और भी खास बनाता है।

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