सुप्रीम कोर्ट ने चिदंबरम की जमानत याचिका की खारिज


ब्यूरो राम नरेश ठाकुर
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पी चिदंबरम की याचिका खारिज कर दी है और पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने अंतरिम जमानत याचिका नामंजूर करने के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दिया था । सुप्रीम कोई ने कहा है कि गिरफ्तारी होने के बाद सुनवाई का कोई मतलब नहीं रह जाता है। वहीं दूसरी ओर भ्रष्‍टाचार से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हलफनामा दाखिल कर दिया है। इसमें ईडी ने आरोप लगाया है कि चिदंबरम ने विदेशों में फर्जी कंपनियां बनाई हैं। जिनके माध्‍यम से पैसों का हेर फेर किया गया है।

चिदंबरम के खिलाफ लगे आरोप गंभीर हैं, इनकी गहराई से जांच जरूरी है। आईएनएक्स मामले में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग और सीबीआई ने भ्रष्टाचार का केस दायर किया है। सुप्रीम कोर्ट ने 23 अगस्त को सुनवाई करते हुए ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) मामले में 26 अगस्त तक चिदंबरम को गिरफ्तार न करने के लिए कहा था। चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को कोर्ट में कहा था, ‘‘इंसाफ पाना चिदंबरम का मूल अधिकार है। दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ हमने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। लेकिन जिस तरह से मामले को डील किया जा रहा है, वह बेचैन करने वाला है। हाईकोर्ट में जिरह खत्म होने के बाद सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस गौर को नोटिस दे दिया। हमें जवाब देने का भी मौका नहीं दिया गया।

आरोप है कि चिदंबरम ने वित्त मंत्री रहते हुए रिश्वत लेकर आईएनएक्स को 2007 में 305 करोड़ रु. लेने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड से मंजूरी दिलाई थी। जिन कंपनियों को फायदा हुआ, उन्हें चिदंबरम के सांसद बेटे कार्ति चलाते हैं। सीबीआई ने 15 मई 2017 को केस दर्ज किया था। 2018 में ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया। एयरसेल-मैक्सिस डील में भी चिदंबरम आरोपी हैं। इसमें सीबीआई ने 2017 में एफआईआर दर्ज की थी।

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