सदर अस्पताल के ओपीडी में एक डाक्टर कर रहे 6 घंटे में 360 मरीजों का इलाज


रिपोर्ट,मो.अंजुम आलम,जमुई (बिहार)
जमुई:- मरीजों के इलाज के नाम पर सरकार द्वारा की जा रही दावों की जमीनी हकीकत से रूबरू कराती सदर अस्पताल में इन दिनों गजब का करिश्मा देखा जा रहा है। सदर अस्पताल में मरीजों के इलाज के नाम पर महज खानापूर्ति कहें या फिर चिकित्सकों के हाथों का चमत्कार ।आलम यह है कि यहां इन दिनों सदर अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा कुछ ही सेकेंडों में मरीजों का संपूर्ण इलाज कर खाना पूर्ति कर दी जा रही है। भीड़ से बचने को लेकर डाक्टर साहब चंद मिनटों के अन्दर मरीजों को जांच करने से लेकर दवा लिखने तक का काम आसानी से निपटा दे रहे हैं। जबकि मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया द्वारा जारी निर्देश के अनुसार मरीजों के इलाज को लेकर औसतन 10 से 15 मिनट का समय सीमा निर्धारित किया गया है। समय एवं पर्याप्त चिकित्सकों के अभाव में जल्द ही मरीजों को निपटाया जा रहा है। दरअसल सदर अस्पताल में ओपीडी का संचालन सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक किया जाता है जिसमें प्रति दिन सैकड़ों की संख्या में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से मरीज आते हैं। सदर अस्पताल के पंजीयन काउंटर द्वारा मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को महिला एवं पुरुष मिलाकर कुल 589 मरीजों का पंजीकरण किया गया।

एक मरीज का एक मिनट में हो रहा इलाज
सदर अस्पताल के ओपीडी में सोमवार से शनिवार तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में मरीज इलाज कराने आते हैं। सोमवार को अस्पताल की जमीनी पड़ताल से इस बात का खुलासा हुआ कि यहां तो कुछ ही सेकेंडों में मरीजों का इलाज कर निपटा दिया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को ओपीडी में कुल 589 मरीजों का पंजीकरण किया गया हालांकि सप्ताह के अन्य दिनों की अपेक्षा सोमवार को मरीजों की भीड़ कम देखी जाती है। ओपीडी में सोमवार को कार्यरत डा. आफताब आलम द्वारा कुल 360 मरीजों का इलाज किया गया। इसके अलावा ओपीडी में अन्य चिकित्सकों द्वारा भी इलाज किया गया। ओपीडी का समय सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे यानि 6 घंटे तक संचालन किया जाता है। इन 6 घंटे यानि 360 मिनटों में 360 मरीजों का इलाज एक चिकित्सक द्वारा निपटा दिया गया। इन तथ्यों पर गौर करें तो सदर अस्पताल में एक मिनट में मरीजों का पूरा इलाज किया जा रहा है।

चिकित्सक के इंतजार में घंटों बैठी रही महिलाएं
सदर अस्पताल में चिकित्सकों की कमी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है जब सोमवार को ओपीडी के दौरान महिला चिकित्सक की अनुपस्थिति के कारण महिलाएं काफी परेशान दिख रही थी। विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाएं सुबह से ही कतारों में खड़ी होकर अपनी बारी का इंतजार कर रही थी। दरअसल सोमवार को ओपीडी में महिला चिकित्सक के रुप में डा. शालिनी कार्यरत थी लेकिन चिकित्सकों के अभाव में इन्हें कार्यों का जिम्मा दे दी गई जिस कारण दोपहर बारह बजे तक नियमित मरीजों का इलाज नही हो सका। महिला डाक्टर नही रहने के कारण महिलाएं बिना इलाज ही वापस लौट गई। तथा कुछ बिचौलियों का शिकार होकर निजी क्लिनिकों की शरण में चले गए।

कहते हैं अधिकारी
सदर अस्पताल में चिकित्सकों की कमी के कारण डाक्टरों पर सभी मरीजों के इलाज का लोड होता है। जिस कारण कम से कम समय में मरीजों को इलाज कर अन्य मरीजों को भी समय दिया जाता है। चिकित्सकों की कमी के कारण इस तरह के हालात उत्पन्न हुए हैं।
-डा.श्याम मोहन दास सिविल सर्जन सदर अस्पताल जमुई

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