बेखौफ अपराधियों ने सरेआम व्यक्ति को गोलियों से भूना, घटना स्थल पर हुई मौत

अंजुम आलम की रिपोर्ट
जमुई: टाउन थाना क्षेत्र अंतर्गत काकन गांव के मुसहरी टोला आहार में ट्रैक्टर पर पुआल लाद रहे ट्रैक्टर चालक सह मालिक 45 वर्षीय गोरेलाल महतो को अपराधियों ने गोलियों से भून डाला। जिसकी मौत घटना स्थल पर ही हो गई। पांच बाईक पर सवार नकाबपोश दर्जनों अपराधियों ने अंधाधून फायरिंग की जिसमें मृतक को 6 गोली लगी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के वक्त मृतक का चचेरा भाई पंचानंद महतो भी उसके साथ ही था। अपराधियों ने उसपर भी अंधाधून गोली चलाई लेकिन वह किसी तरह भागते हुए अपनी जान बचाई। ’वर्चस्व को लेकर वर्षों से चली आ रही है हत्या का खेल, बताते चलें कि गांव में वर्चस्व को लेकर पिछले 20 साल से भी अधिक समय से यहां हत्याओं का खेल जारी है। 20 वर्ष पहले जद्दू महतो नामक व्यक्ति की अपराधियों द्वारा हत्या कर दी गई थी। तभी से हत्याओं के खेल शुरू हुआ और 20 वर्षों से लगातार जारी है। अब तक मे दोनो तरफ से एक दो नहीं बल्कि दर्जनों हत्याएं हो चुकी हैं।

वहीं 31 जनवरी को गांव के ही मणिकांत सिंह की वीरप्पन महतों एवं उसके अन्य साथियों द्वारा घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी। बताया जाता है कि मणिकांत सिंह की हत्या के बदले में गोरेलाल महतो की हत्या की गई है। हालांकि ग्रामीणों की माने तो गोरेलाल महतो का वीरप्पन से दूर-दूर से कोई वास्ता नहीं है। ’मृतक के चचेरे भाई पर भी अपराधियों ने की थी गोलीबारी, वहीं घटना के वक़्त मृतक का चचेरा भाई परमानंद महतो पर भी नकाबपोश अपराधियों ने जमकर गोलीबारी की। लेकिन वह किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। इस सम्बंध में उसने बताया कि 05 बाइक से नकाबपोश अपराधी लगभग एक दर्जन की संख्यां में आये थे जिसमें कुछ अपराधी काकन गांव के व कुछ बगल के गांव के भी शामिल थे। उन्होंने दो अपराधियों की शिनाख्त काकन गांव निवासी गंगा सिंह उर्फ मनीष सिंह एवं रमेश सिंह के रूप में की है। आगे उसने बताया कि गंगा सिंह कई महीने से मृतक गोरेलाल महतो से दो लाख रुपये रंगदारी मांग रहा था। रंगदारी नहीं देने के कारण उसकी हत्या कर दी गयी है। आरोपी गंगा सिंह पर दर्जनों अपराधिक मामले दर्ज बताए जाते हैं और वह लम्बे समय से पुलिस की पकड़ से फरार चल रहा है। घटना स्थल से महज 200 मीटर की दूरी पर गांव के ही मंदिर में कैम्प लगा कर रह रही पुलिस घटना की सूचना के बाद भी एक घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस को देर से आते देख ग्रामीण महिलाएं व पुरुष आक्रोशित हो गए। देर से आने की वजह से व हालात को देखते हुए पुलिस को गाली-गलौज भी बर्दाश्त करना पड़ा। ग्रामीण इतना आक्रोशित थे कि व्यक्ति की हत्या अपराधियों ने नहीं बल्कि पुलिस ने ही किया हो। वहीं मृतक की भाभी दनमा देवी ने बताई की जैसे ही अपराधियों ने गोली मारी वह दौड़ कर गांव के मंदिर में सुरक्षा को लेकर तैनात किए गए पुलिस बलों को घटना की सूचना दी लेकिन पुलिस द्वारा उसकी शिकायत नहीं सूनते हुए टाउन थाने की पुलिस को इसकी सूचना देने की बात कही।उसके बाद लगभग एक घंटे के बाद घटना स्थल पर पुलिस पहुंची। हालांकि घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतक के शव को उठाने से मना कर दिया। लोग अपराधी की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। घंटों समझाने के बाद भी ग्रामीण शव के समीप अड़े रहे।वहीं घटना स्थल पर पहुंचे एसडीपीओ रामपुकार सिंह और एसडीओ लखिन्द्र पासवान द्वारा परिजन व ग्रामीणों को कड़ी कार्रवाई करने व अपराधीयों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के आश्वासन के बाद काफी मुशक्कत से लगभग 06 घंटों बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल जमुई भेजा गया। वहीं एसडीपीओ, एसडीओ, टाउन थानाध्यक्ष सिद्धेश्वर पासवान, सिकन्दरा थानाध्यक्ष सहित भारी संख्यां में पुलिस बल घटना स्थल पर मौजूद थे। घटना के संबंध में एसडीपीओ रामपुकार सिंह ने बताया कि अपराधियों द्वारा एक व्यक्ति की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई है। घटना की जांच की जा रही है। इस मामले में संलिप्त कुछ अपराधियों की शिनाख्त की गई है। बहुत जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी की जा रही है।

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