लोकसभा में यूपीए विधेयक 2019 बिल पास हुआ

 


ऋषी तिवारी
नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को भारी हंगामे के बीच गैर-कानूनी गतिविधि निवारण संशोधन (यूपीए) विधेयक 2019 बिल पास हो गया है । मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस बिल को स्टैंडिंग कमेटी को भेजने की मांग की और विरोध करते हुए सदन से वॉकआउट किया। इस बिल पर चर्चा के दौरान जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आतंकवाद बंदूक से पैदा नहीं होता, आतंकवाद के लिया उन्माद फैलाया जाता है।

अमित शाह ने कहा है कि गैर-कानूनी गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों और उनके मददगारों को आतंकी घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र में प्रावधान है। अमेरिका, पाकिस्तान, चीन, इजरायल और यूरोपियन यूनियन समेत सभी में है। अब हमने भी इसके लिए संशोधित विधेयक में प्रावधान किए हैं। हमने इस बात का भी ध्यान रखा है कि कोई कानून का दुरुपयोग न कर पाए। भाजपा सरकार शहरी नक्सलवाद के खिलाफ है। शहरी नक्सलवाद या जो विचारधारा के नाम पर गैर-कानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं, ऐसे लोगों के साथ हम कोई समझौता नहीं करेंगे।

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कश्मीर पर मध्यस्थता वाले बयान पर दूसरे दिन भी लोकसभा में हंगामा हुआ। विपक्ष ने सदन में ‘मोदी जवाब दो’ के नारे लगाए। इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जवाब दिया। उन्होंने कहा, “विदेश मंत्री जयशंकर इस मामले पर बयान दे चुके हैं। मैं जयशंकर जी के बयान को प्रामाणिक मानता हूं। ट्रम्प और मोदीजी के बीच जून में बातचीत हुई थी और उस वक्त जयशंकर जी वहीं मौजूद थे। अगर पाक से कश्मीर मुद्दे पर बात होगी तो सिर्फ कश्मीर ही नहीं बल्कि ‘पाक अधिकृत कश्मीर’ भी शामिल होगा।”

राजनाथ ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले कहा जा रहा था कि सत्तापक्ष जवाब देगा तो वो सुनेंगे। लेकिन विदेश मंत्री के बाद मैं भी जवाब दे रहा हूं और वे सुनने के लिए तैयार नहीं हैं। कश्मीर पर किसी की मध्यस्थता स्वीकार करने का सवाल ही नहीं उठता। कश्मीर हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान का मुद्दा है। हम कभी अपने राष्ट्रीय स्वाभिमान से समझौता नहीं कर सकते। इस बीच कांग्रेस सांसदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष ने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले पर संसद में आकर जवाब दें। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस मुद्दे पर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव भी दिया।

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