अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से की मुलाकात


ऋषी तिवारी
नई दिल्ली। दोनों विदेश मंत्रियों ने बातचीत के बाद साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस किया और इस दौरान जयशंकर से पूछा गया कि क्या अमेरिका के काट्सा कानून का असर भारत के रूस के साथ एस-400 सौदे पर भी पड़ेगा। जयशंकर ने कहा है कि हमारे कई देशों के साथ रिश्ते हैं। हमारी कई साझेदारियां हैं और उनका इतिहास है। हम वही करेंगे जो हमारे देश के हित में होगा। इसका एक हिस्सा हर देश की स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप भी है, जिसके तहत दूसरे देशों के हितों को भी समझना और सराहा जाना चाहिए।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पोम्पियो ने मोदी को राष्ट्रपति ट्रम्प की ओर से जीत की बधाई दी। मोदी ने पोम्पियो से कहा, ‘भारत-अमेरिका के साथ रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना चाहता है। हम द्विपक्षीय रिश्तों के जरिए व्यापार, अर्थव्यवस्था, ऊर्जा और रक्षा मजबूत करना चाहते हैं।’ इस पर पोम्पियो ने भरोसा दिया कि अमेरिका भी भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

रूस के साथ एस-400 डील और व्यापारिक मुद्दों पर पोम्पियो ने कहा- कभी ऐसा कोई साझेदार नहीं मिला, जहां हमारे बीच चीजों को सुलझाने के लिए रास्ता न रहा हो। हम यह प्रयास करेंगे कि अपने देश के लिए सुरक्षा मुहैया करा पाएं और यह भी चाहेंगे कि भारत भी ऐसा ही करने में सक्षम हो। हम दोनों मुद्दों को वास्तविक मौके के तौर पर देख रहे हैं और मैं जानता हूं कि हम साथ काम कर सकते हैं। साथ ही रिश्तों की आधारशिला रख सकते हैं।

पोम्पियो भारत यात्रा के दौरान जयशंकर के साथ जापान के ओसाका में मोदी और ट्रम्प के बीच होने वाली द्विपक्षीय मुलाकात के एजेंडे को अंतिम रूप देंगे। मोदी और ट्रम्प 28-29 जून को जी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए जापान के ओसाका जाएंगे। इस दौरान मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच बैठक भी होनी है। जयशंकर और पोम्पिओ भी इस बैठक में मौजूद रहेंगे।

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