युवा जदयू के प्रदेश महासचिव फ़ैयाज अहमद ने अपने पद से दिया इस्तीफा

रिपोर्ट,मो.अंजुम आलम,जमुई (बिहार)
जमुई:-युवा जदयू के प्रदेश महासचिव फैयाज अहमद ने रविवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।शहर स्थित एक निजी होटल में प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी देते हुए फैयाज अहमद ने बताया कि वे छात्र संघ से ही संगठन का कार्य करते रहे हैं और वर्ष 2004 से ही प्रदेश संगठन का अंग रहे हैं।काफी समय से छात्र जनता दल( यू.) संगठन को दिया परंतु वहाँ उचित मान-सम्मान नहीं मिला।इसके अलावे युवा जदयू के प्रदेश इकाई में निष्ठापूर्वक कार्य किया लेकिन वहां भी वरिष्ठता की महत्व नहीं दी गई।जिससे संगठन में असहज महसूस कर रहा था।उन्होंने बताया कि इतना ही नहीं जिले में संगठन द्वारा कोई भी कार्यक्रम या बैठक की जाती थी तो इसकी सूचना मुझे नहीं दी जाती थी अगर किसी तरह संगठन के कार्यक्रम में मौजूद रहता था तो कार्यकर्ताओं द्वारा नज़र अंदाज़ कर दिया जाता था।
आगे उन्होंने बताया कि कुछ ही दिनों पहले जिला अल्पसंख्यक सम्मेलन की बैठक हुई थी जिसमें अल्पसंख्यक होने के नाते भी मुझे सूचना नहीं दी गई जिससे मैं दुःखी हुआ हूँ।क्षेत्रीय नेता पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ नेता भी संगठन से अलग करने का काफी दिनों से प्रयास कर रहे थे।जिसका मुझे एहसास हुआ और मान-सम्मान को देखते हुए स्वंय संगठन से स्वतंत्र होना उचित समझा।वहीं अंत में उन्होंने कहा कि जमुई में जदयू समुन्द्र के छोर पर पहुंच गई जिसे नहीं संभाला गया तो कभी भी डूब सकती है।हालांकि उन्होंने पद से इस्तीफा देने के बाद किसी पार्टी में शामिल होने की बात नहीं कही है लेकिन स्वतंत्र रूप से 2019 के लोकसभा चुनाव में महागठबंधन का साथ देने की बात कही है।

महासचिव का इस्तीफा,क्या बढ़ा सकती है चिराग की मुसीबत
बताते चलें कि युवा जदयू के प्रदेश महासचिव फैयाज अहमद द्वारा पार्टी के इस्तीफा से संगठन में भूचाल मच गया है।ऐन वक्त पर जब चुनावी सरगर्मी तेज़ हो कुछ ही दिन मतदान के लिए बचे हों उस वक़्त 15 वर्षों से लगातार पार्टी के साथ कदम से कदम मिला कर चलने वाला युवा नेता व सक्रिय कार्यकर्ता के इस्तीफा से ऐसे में चुनावी गतिविधि पर प्रभाव तो पड़ेगा ही।जबकि आज के दौर में सभी नेता व मंत्री युवा के साथ रहने की बात करते हैं वहीं एक सक्रिय युवा नेता के पार्टी छोड़ने और महागठबंधन के प्रत्याशी का साथ देने को लेकर कुछ युवाओं का तो मन एनडीए के प्रति विचलित होगा ही।हालांकि चुनाव खत्म होने के बाद ही इसके नफा-नुकशान का पता चलेगा।जनता ही इसका फैसला करेगी।
वहीं मौके पर आइसा के प्रदेश उपाध्यक्ष बाबू साहब,पवन सिंह,रोहित सिंह,कुमार गौरव सिंह,जयनारायण,धीरज पांडेय,आयुष सिंह,रौशन सिंह आदि लोगों ने भी फैयाज अहमद के इस्तीफे को सही बताया।आइसा के प्रदेश उपाध्यक्ष बाबू साहब ने कहा कि जिस पार्टी को खून-पसीने से 15 वर्षों तक सींचने के बाद भी सम्मान नहीं दिया जाए तो वैसी पार्टी को छोड़ने में ही भलाई है।जदयू पार्टी पूरी तरह भ्रष्ट हो गई है जो जुमलेबाज के गोद में बैठकर जनता को बरगलाने का काम कर रही है।

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